गट और ब्रेन के बीच एक मजबूत कनेक्शन होता है, जिसे गट-ब्रेन कनेक्शन कहा जाता है। यही वजह है कि खराब गट हेल्थ से तनाव, एंग्जायटी और मूड स्विंग की समस्या भी बढ़ सकती है। ऐसे में संतुलित आहार, फाइबर युक्त भोजन, प्रोबायोटिक फूड्स और हेल्दी ड्रिंक्स को अपनी डाइट में शामिल करना बेहद जरूरी हो जाता है, ताकि आंतें हेल्दी रहें और शरीर पूरी तरह से फिट बना रहे।

रजिस्टर्ड डायटीशियन Lindsey DeSoto ने बताया आजकल ‘फंक्शनल ड्रिंक्स’ का चलन तेजी से बढ़ा है, जो न केवल प्यास बुझाते हैं बल्कि पाचन तंत्र को भी मजबूती देते हैं। कुछ ड्रिंक खासतौर पर मीठे ड्रिंक, आपके पेट पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं। ऐसे में प्रोबायोटिक्स, विटामिन और दूसरे पोषक तत्वों से बने फंक्शनल ड्रिंक का सेवन गुड बैक्टीरिया बढ़ाने में और आंतों को हेल्दी रखने में मददगार हो सकता है। आइए जानते हैं कि कौन-कौन से ऐसे फंक्शनल ड्रिंक है जिनका सेवन करने से आंतों की सेहत में सुधार होता है।

केफिर का करें सेवन

केफिर एक खट्टा, फर्मेंटेड दूध का ड्रिंक है जिसमें लगभग 50 प्रकार के प्रोबायोटिक बैक्टीरिया पाए जाते हैं। इनमें लैक्टिक एसिड बैक्टीरिया भी शामिल हैं, जो आंतों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मददगार होते हैं। फर्मेंटेशन प्रक्रिया से लाभकारी यौगिक, जैसे कार्बनिक अम्ल भी उत्पन्न होते हैं, जो आंतों में हानिकारक बैक्टीरिया की वृद्धि को कम कर सकते हैं। कई रिसर्च में ये बात साबित हो चुकी है कि साबुत अनाजों से बना केफिर ड्रिंक हानिकारक बैक्टीरिया के खिलाफ अधिक प्रभावी हो सकता है।

कोम्बुचा (Kombucha)

कोम्बुचा एक फिज़ी यानी झागदार ड्रिंक है, जिसे चाय और शुगर को बैक्टीरियल और यीस्ट के मिश्रण (SCOBY) के साथ फर्मेंट करके बनाया जाता है। इस प्रक्रिया से प्रोबायोटिक्स, ऑर्गेनिक एसिड्स और एंटीऑक्सीडेंट्स बनते हैं, जो गट हेल्थ को बेहतर बनाने में मदद करते हैं। कोम्बुचा में चाय से मिलने वाले एंटीऑक्सीडेंट्स, जिन्हें पॉलीफेनॉल्स कहा जाता है, वो भी मौजूद होते हैं। ये गुड बैक्टीरिया की ग्रोथ को बढ़ावा देते हैं और कोशिकाओं को नुकसान से बचाने में मदद करते हैं। साथ ही, ये कैंसर, हृदय रोग और डायबिटीज जैसी क्रॉनिक बीमारियों के खतरे को कम करने में भी मददगार हो सकते हैं। हालांकि, कुछ प्रकार के कोम्बुचा में शुगर की मात्रा ज्यादा हो सकती है, इसलिए कम शुगर वाले विकल्प चुनना बेहतर रहता है।

प्रून जूस (Prune Juice)

प्रून जूस जिसे सूखे आलूबुखारे के रस के रूप में भी जाना जाता है। ये पाचन के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है। इसमें सोर्बिटोल नामक प्राकृतिक शुगर अल्कोहल होता है, जो आंतों में पानी खींचकर मल त्याग को आसान बनाता है। इसके अलावा इसमें थोड़ी मात्रा में फाइबर और पॉलीफेनॉल्स भी होते हैं, जो गट बैक्टीरिया और पाचन को सपोर्ट करते हैं। हालांकि, ज्यादा मात्रा में इसका सेवन करने से  लूज मोशन हो सकते हैं, इसलिए इसे कम मात्रा से शुरू करें।

एप्पल साइडर विनेगर ड्रिंक (Apple Cider Vinegar Drink)

एप्पल साइडर विनेगर में एसिटिक एसिड होता है, जो प्रोबायोटिक्स की तरह काम कर सकता है। यह अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ाने और खराब बैक्टीरिया को रोकने में मदद करता है। यह पेट की एसिडिटी बढ़ाकर पाचन को बेहतर बनाता है, जिससे शरीर भोजन को आसानी से तोड़ पाता है। क्योंकि यह काफी एसिडिक होता है, इसलिए इसे सीधे पीने के बजाय पानी में मिलाकर पीना चाहिए। आप 1–2 चम्मच एप्पल साइडर विनेगर को एक गिलास पानी में मिलाकर पी सकते हैं।

प्रीबायोटिक सोडा (Prebiotic Sodas) का करें सेवन

प्रीबायोटिक सोडा एक नया प्रकार का फंक्शनल ड्रिंक है। इसमें प्रीबायोटिक फाइबर जैसे इन्यूलिन होता है, जो आंतों के अच्छे बैक्टीरिया के लिए भोजन का काम करता है। हालांकि इस पर रिसर्च अभी सीमित है, लेकिन गट और मेटाबॉलिक हेल्थ पर इसके प्रभाव को समझने के लिए अध्ययन जारी हैं। ये ड्रिंक्स आमतौर पर सामान्य सोडा की तुलना में कम शुगर वाले होते हैं, इसलिए अगर आप कुछ फिज़ी पीना चाहते हैं तो यह बेहतर विकल्प हो सकता है। हालांकि, जिन लोगों को फाइबर की आदत नहीं है, उनमें यह गैस या पेट फूलने की समस्या पैदा कर सकता है, इसलिए इसे कम मात्रा से शुरू करना चाहिए।

डिस्क्लेमर:

यह जानकारी केवल सामान्य जागरूकता के लिए है और इसे किसी विशेषज्ञ डायटीशियन या डॉक्टर की सलाह का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए। आंतों की किसी गंभीर समस्या या एलर्जी की स्थिति में किसी भी ड्रिंक को अपनी डाइट में शामिल करने से पहले पेशेवर सलाह जरूर लें। जंसत्ता इसकी जिम्मेदारी नहीं लेता है