
भारतीय योग गुरु, लेखक, शोधकर्ता और टीवी पर्सनालिटी डॉक्टर हंसा योगेंद्र के मुताबिक विटामिन D और B12 की कमी आज के समय में एक साइलेंट महामारी बन चुकी है। थकान, बदन दर्द और चिड़चिड़ापन जैसे लक्षणों को हम अक्सर काम का तनाव समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। बॉडी में दिखने वाली ये परेशानियां बी 12 और विटामिन डी की कमी का संकेत हो सकते हैं।
आजकल लोग सही खाना खाने के बावजूद भी विटामिन की कमी का सामना कर रहे हैं। खासकर शहरों में यह समस्या तेजी से बढ़ रही है। कई रिसर्च में ये बात साबित हो चुकी है कि भारत के शहरी इलाकों में 70-90% लोगों में Vitamin D की कमी है, जबकि आधे से ज्यादा लोगों में Vitamin B12 की कमी पाई जा रही है, खासकर शाकाहारी लोगों में। एक्सपर्ट के मुताबिक ये छोटी समस्या नहीं है बल्कि एक साइलेंट और तेजी से फैलती स्वास्थ्य समस्या है।
कैसे पहचानें Vitamin D की कमी?
Vitamin D की कमी धीरे-धीरे शरीर को प्रभावित करती है। इसके लक्षणों की बात करें तो
- पीठ और घुटनों में दर्द
- मांसपेशियों में कमजोरी
- बार-बार सर्दी लगना
- नींद खराब होना शामिल हैं।
- वैज्ञानिकों के अनुसार, Vitamin D केवल हड्डियों के लिए ही नहीं बल्कि दिमाग और इम्यून सिस्टम के लिए भी जरूरी है।
Vitamin B12 की कमी के संकेत
Vitamin B12 की कमी सीधे नर्वस सिस्टम को प्रभावित करती है। इसके लक्षणों की बात करें तो
हाथ-पैरों में झुनझुनी
भूलने की समस्या
सिर भारी रहना
चिड़चिड़ापन
अक्सर लोग इन लक्षणों को तनाव या उम्र का असर समझकर नजरअंदाज कर देते हैं।
समस्या की जड़ क्या है?
Vitamin B12 का स्तर इस बात पर निर्भर करता है कि आपका पाचन तंत्र कितना मजबूत है।
Vitamin D को नेचुरली कैसे बढ़ाएं?
- सुबह 7:30 से 10:30 बजे के बीच 20-30 मिनट धूप में चलें। ध्यान रखें, कांच के पीछे से धूप लेने का फायदा नहीं होता
- नंगे पैर मिट्टी पर चलना विटामिन डी के absorption को बढ़ा सकता है।
- डाइट में देसी घी, तिल, भीगे बादाम, दूध और दही शामिल करें
- याद रखें खाना Vitamin D को सपोर्ट करता है, लेकिन धूप उसे एक्टिव बनाती है।
Vitamin B12 बढ़ाने के आसान उपाय
- बॉडी में विटामिन बी 12 का स्तर बढ़ाना चाहते है तो आप दही का सेवन करें। दही फ्रिज का नहीं खाएं, रूम टेम्परेचर पर रखा हुआ दही खाएं।
- दही को रात में खाने से बचें
- छाछ (buttermilk) सबसे बेहतर विकल्प है।
- छाछ में भुना जीरा, सेंधा नमक, अदरक या करी पत्ता मिलाकर उसका सेवन करें।
- हफ्ते में 2-3 बार ताजा पनीर खाएं
- फर्मेंटेड फूड जैसे कांजी और चावल के मांड का सेवन करें।
- ये सभी चीजें पाचन सुधार के B12 के अवशोषण में मदद करती हैं।
इन बातों का रखें ध्यान
- बिना डॉक्टर की सलाह के हाई डोज सप्लीमेंट नहीं लें
- पूरे दिन घर के अंदर नहीं रहें। सुबह के समय कुछ देर धूप में रहें।
- ज्यादा चाय, कॉफी, शराब और स्मोकिंग से बचें
- देर रात खाना खाने से बचें
- स्ट्रेस कम रखें, क्योंकि तनाव न्यूट्रिएंट absorption को रोकता है
डिस्क्लेमर:
यह लेख केवल सामान्य जानकारी प्रदान करता है। थकान और शरीर में दर्द के कई अन्य चिकित्सीय कारण भी हो सकते हैं। विटामिन D और B12 के स्तर की सटीक जांच के लिए ब्लड टेस्ट (Blood Test) अनिवार्य है। किसी भी नेचुरल उपाय या डाइट में बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें।





