आयुर्वेदिक एक्सपर्ट डॉक्टर विनोद कुमार शर्मा के मुताबिक दही का पूरा फायदा उठाने के लिए उसे सही समय पर सही तरीके से खाना जरूरी है।

भारतीय थाली में दही का अपना खास स्थान है। प्रोबायोटिक्स से भरपूर दही पाचन के लिए वरदान मानी जाती है, लेकिन आयुर्वेद के अनुसार इसे खाने के कुछ कड़े नियम हैं। गलत समय या गलत कॉम्बिनेशन के साथ दही का सेवन शरीर में ‘कफ’ और ‘पित्त’ दोष बढ़ा सकता है, जिससे स्किन रोग, साइनस और पाचन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। एक प्रसिद्ध आयुर्वेदिक एक्सपर्ट डॉक्टर विनोद कुमार शर्मा के मुताबिक दही का पूरा फायदा उठाने के लिए कुछ खास बातों का ध्यान रखना जरूरी है। अगर दही को सही समय और सही फूड कॉम्बिनेशन के साथ खाया जाए तो उससे बॉडी को फायदा होता है वरना दही का सेवन बॉडी पर साइड इफेक्ट भी कर सकता है। आइए एक्सपर्ट से जानते हैं कि दही का सेवन करते समय कौन-कौन सी बातों का ध्यान रखना जरूरी है और दही खाने का सही तरीका क्या है।
दही को गर्म करके नहीं खाएं
आयुर्वेद के अनुसार दही को गर्म करके खाना सही नहीं माना जाता। आयुर्वेद में दही की तासीर भारी और गर्म प्रभाव वाली मानी जाती है। जब इसे गर्म किया जाता है, तो इसके गुण असंतुलित हो जाते हैं और ये शरीर पर नकारात्मक असर डाल सकती है। गर्म दही भारी हो जाती है, जिससे यह आसानी से पचती नहीं। इससे गैस, अपच और ब्लोटिंग की समस्या हो सकती है। गर्म दही का सेवन बॉडी में आम यानी टॉक्सिन बढ़ा सकता है। दही को कफ बढ़ाने वाला माना जाता है। इसे गर्म करने पर यह और ज्यादा कफ पैदा कर सकती है, जिससे सर्दी-खांसी, बलगम और एलर्जी की समस्या बढ़ सकती है। गर्म दही का सेवन स्किन पर पिंपल्स, रैशेज और खुजली जैसी समस्याएं कर सकता है, क्योंकि यह खून में अशुद्धियां बढ़ा सकता है। गर्म दही एसिडिटी और पेट में जलन को बढ़ा सकता है जिसे पहले से गैस्ट्रिक समस्या है उसके लिए ये ज़हर साबित होती है।
दही के साथ दूध और दूध से बनी चीज़ें नहीं खाएं
आयुर्वेद के अनुसार दही के साथ दूध या दूध से बनी चीज़ों का सेवन नहीं करना चाहिए। इसे विरुद्ध आहार माना जाता है। दूध और दही दोनों ही डेयरी प्रोडक्ट हैं, लेकिन उसके गुण अलग-अलग होते हैं। इन दोनों का सेवन साथ करने से पाचन तंत्र भ्रमित हो जाता है, जिससे अपच, गैस और ब्लोटिंग हो सकती है। दही और दूध साथ लेने से भोजन सही से नहीं पचता और शरीर में विषैले तत्व जमा होने लगते हैं। दूध और दही दोनों कफ बढ़ाने वाले होते हैं। इन्हें साथ लेने से कफ असंतुलित हो सकता है। यह कॉम्बिनेशन आंतों में फर्मेंटेशन बढ़ा सकता है, जिससे पेट फूलना और भारीपन महसूस हो सकता है।
दही के साथ प्याज का सेवन नहीं करें
आयुर्वेद के अनुसार दही और प्याज का साथ में सेवन विरुद्ध आहार माना जाता है। दही की तासीर ठंडी और भारी होती है, जबकि प्याज की प्रकृति गर्म मानी जाती है। दोनों को एक साथ खाने से शरीर में दोषों का असंतुलन हो सकता है। इससे पाचन गड़बड़ी, गैस, एलर्जी, त्वचा पर रैशेज और खुजली जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए बेहतर है कि दही और प्याज को अलग-अलग समय पर ही खाया जाए।
दही के साथ उड़द की दाल नहीं खाएं
आयुर्वेद के अनुसार दही और उड़द की दाल का एक साथ सेवन विरुद्ध आहार माना जाता है। दही भारी और कफ बढ़ाने वाली होती है, वहीं उड़द की दाल भी भारी और पचने में कठिन होती है। दोनों को साथ खाने से पाचन तंत्र पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है, जिससे गैस, अपच, पेट फूलना और भारीपन की समस्या हो सकती है। लंबे समय तक ऐसा करने से शरीर में टॉक्सिन बनने का खतरा भी बढ़ता है।
दही के साथ मछली नहीं खाएं
आयुर्वेद के अनुसार दही और मछली का एक साथ सेवन विरुद्ध आहार माना जाता है। दही की तासीर ठंडी और कफ बढ़ाने वाली होती है, जबकि मछली गर्म प्रकृति की मानी जाती है। दोनों को साथ खाने से शरीर में दोषों का असंतुलन हो सकता है। इससे पाचन गड़बड़ी, एलर्जी, स्किन रोग जैसे दाग-धब्बे, खुजली और सफेद दाग का खतरा बढ़ सकता है, इसलिए इनका सेवन अलग-अलग करना बेहतर है।
दही के साथ नींबू और टमाटर से करें परहेज
आयुर्वेद के अनुसार दही के साथ नींबू और टमाटर का सेवन विरुद्ध आहार माना जाता है। दही की प्रकृति भारी और कफ बढ़ाने वाली होती है, जबकि नींबू और टमाटर खट्टे और अम्लीय होते हैं। इनका साथ में सेवन पाचन तंत्र को प्रभावित कर सकता है, जिससे गैस, एसिडिटी और अपच की समस्या हो सकती है। इन फूड्स का कॉम्बिनेशन शरीर में टॉक्सिन बढ़ा सकता है और स्किन से जुड़ी समस्याओं का कारण बन सकता है।
दही खाने का सही तरीका
आयुर्वेद की सलाह के मुताबिक दही का सेवन सही तरीके से किया जाए तो इससे शरीर को फायदा होता है। दही का सेवन दिन में करें तो ये बॉडी को हाइड्रेट करेंगी,पाचन को दुरुस्त करेगी और गट हेल्थ में सुधार करेगी। रात में दही का सेवन बिल्कुल नहीं करें, रात में दही खाने से कफ बढ़ता है। दही में काली मिर्च, शहद या गुड़ मिलाकर खा सकते हैं आपको फायदा होगा। याद रखें कि दही हमेशा ताजा खाएं।
डिस्क्लेमर
यह जानकारी आयुर्वेदिक मान्यताओं और सामान्य स्वास्थ्य जानकारी पर आधारित है। इसका उद्देश्य केवल जागरूकता बढ़ाना है, न कि किसी बीमारी का निदान या उपचार करना। हर व्यक्ति की शरीर प्रकृति अलग होती है, इसलिए किसी भी डाइट या फूड कॉम्बिनेशन में बदलाव करने से पहले योग्य डॉक्टर या आयुर्वेद विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।





