डायबिटीज की बीमारी में बॉडी में कुछ लक्षण दिखने लगते हैं। पेशाब का बार बार आना इस बीमारी का सबसे बड़ा लक्षण हैं। डायबिटीज के लक्षणों को लेकर लोगों के पास जानकारी कम है, इसलिए इसके सही लक्षणों को पहचानना बेहद जरूरी है। आजकल डायबिटीज को लेकर बढ़ती जागरूकता के कारण लोग मामूली लक्षणों को भी बड़ी बीमारी का संकेत मान लेते हैं। हाल ही में सोशल प्लेटफॉर्म Quora पर एक सवाल सामने आया  क्या पीले रंग का पेशाब टाइप 2 डायबिटीज का संकेत है?

पारस हॉस्पिटल गुरुग्राम में सीनियर कंसल्टेंट एंडोक्रिनोलॉजिस्ट डॉक्टर सतीश चंद्र वसूरी से जब हमने पेशाब के पीला रंग पर बातचीत की तो उन्होंने बताया पेशाब का पीला रंग आमतौर पर डायबिटीज का सीधा संकेत नहीं होता। यह अधिकतर शरीर में पानी की कमी यानी डिहाइड्रेशन का नतीजा होता है। जब आप कम पानी पीते हैं, तो यूरिन ज्यादा कंसंट्रेट हो जाता है, जिससे उसका रंग गहरा या पीला दिखता है। आइए जानते हैं कि डायबिटीज के बॉडी में कौन-कौन से लक्षण दिखते हैं और उन्हें कैसे कंट्रोल किया जाता है।

डायबिटीज क्या है?

डायबिटीज (Diabetes) एक ऐसी गंभीर बीमारी है जो अब सिर्फ उम्रदराज लोगों तक सीमित नहीं रही, बल्कि कम उम्र के लोगों को भी तेजी से अपनी चपेट में ले रही है। असल में यह बीमारी एक दिन में नहीं होती, बल्कि कई सालों तक चलने वाली गलत आदतों का नतीजा होती है। खराब खान-पान, फिजिकल एक्टिविटी की कमी और बढ़ता तनाव धीरे-धीरे शरीर के शुगर कंट्रोल सिस्टम को कमजोर कर देते हैं। हमारे शरीर में इंसुलिन नाम का हार्मोन ब्लड शुगर को कंट्रोल करता है। लेकिन खराब डाइट जैसे ज्यादा मीठे का सेवन, जंक फूड और प्रोसेस्ड फूड का सेवन करते हैं, दिनभर बैठे रहते हैं और एक्सरसाइज नहीं करते और लगातार तनाव में रहते हैं तो शरीर में इंसुलिन सही से काम नहीं करता। इसे इंसुलिन रेजिस्टेंस कहते हैं, जो आगे चलकर डायबिटीज में बदल जाता है।

डायबिटीज में कौन-कौन से दिखते हैं लक्षण?

टाइप 2 डायबिटीज में कुछ खास लक्षण देखने को मिलते हैं जैसे

  • बार-बार पेशाब आना
  • ज्यादा प्यास लगना
  • थकान महसूस होना
  • धुंधला दिखना
  • अचानक वजन कम होना, अगर इन लक्षणों के साथ पेशाब के रंग में बदलाव दिखे, तो डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।

कब होना चाहिए सतर्क?

अगर पेशाब के रंग में बदलाव होने के साथ-साथ पेशाब में जलन या पेशाब के साथ दर्द, बदबूदार यूरिन, पेशाब के साथ खून आना और लगातार थकान होने जैसे लक्षण दिखें तो ये संकेत किसी इंफेक्शन या दूसरी स्वास्थ्य समस्या की ओर इशारा कर सकते हैं।

बॉडी में यूरिन से जुड़ी कुछ भी परेशानी होने पर क्या करें

  • डायबिटीज है और यूरिन से जुड़ी कुछ भी परेशानी है तो आप दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं। दिन की शुरुआत पानी से करें। पर्याप्त पानी का सेवन बॉडी से टॉक्सिन को बाहर निकालता है और बॉडी को हेल्दी रखता है।
  • कैफीन और शुगर का सेवन सीमित रखना सेहत के लिए जरूरी है। ज्यादा कैफीन लेने से शरीर में डिहाइड्रेशन बढ़ सकता है, यानी शरीर में पानी की कमी होने लगती है। जब बॉडी डिहाइड्रेट होती है, तो ब्लड शुगर लेवल पर भी असर पड़ सकता है और यह बढ़ सकता है। इसलिए कॉफी, चाय और मीठी चीजों का सेवन संतुलित मात्रा में ही करना बेहतर होता है।
    साफ-सफाई का खासतौर पर ध्यान रखें।  प्राइवेट एरिया की हाइजीन बहुत जरूरी है।
    पेशाब को लम्बे समत तक न रोकें। लंबे समय तक यूरिन रोकना इंफेक्शन बढ़ा सकता है।
    नारियल पानी और छाछ का सेवन करें। ये बॉडी को ठंडक देते हैं और जलन कम करते हैं।
    विटामिन C रिच फूड्स का सेवन करें। आंवला और संतरा खाएं, ये इंफेक्शन से लड़ने में मदद करते हैं।

निष्कर्ष

पेशाब का पीला रंग आमतौर पर गंभीर चिंता की बात नहीं है और इसका संबंध अधिकतर हाइड्रेशन से होता है, न कि सीधे डायबिटीज से। हालांकि, अगर अन्य लक्षण भी दिखाई दें, तो जांच कराना जरूरी है।

डिस्क्लेमर:

यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। किसी भी तरह की स्वास्थ्य समस्या या लक्षण दिखाई देने पर डॉक्टर की सलाह जरूर लें