एम्स के पूर्व कंसल्टेंट और साओल हार्ट सेंटर के फाउंडर एंड डायरेक्टर और प्रसिद्ध कार्डियोलॉजिस्ट डॉ बिमल झांझर ने बताया बदलता लाइफस्टाइल और टॉक्सिन से भरी डाइट के बढ़ते सेवन के बीच , त्रिफला शरीर को अंदर से डिटॉक्स करने का सबसे सुरक्षित और प्रभावी तरीका है। एक्सपर्ट ने बताया अगर सही समय पर सही तरीके से इसका सेवन किया जाए तो बॉडी को कई तरह से फायदा पहुंच सकता है। आइए, आयुर्वेद के प्राचीन सिद्धांतों और आधुनिक शोध के नजरिए से समझते हैं त्रिफला के चमत्कारी गुणों का पूरा विज्ञान।

त्रिफला क्या है और कैसे बनता है?

त्रिफला तीन औषधीय फलों आंवला (आमलकी), बहेड़ा (बिभीतकी) और हरड़ (हरीतकी) का संयोजन है। यह पारंपरिक रूप से 4:2:3 के अनुपात में तैयार किया जाता है। आयुर्वेद में इसे शरीर के संतुलन को बनाए रखने वाला एक शक्तिशाली हर्बल कॉम्बिनेशन माना गया है।

त्रिफला पर क्या कहती है रिसर्च

Iranian Journal of Pharmacology and Therapeutics में प्रकाशित एक क्लिनिकल ट्रायल के अनुसार, त्रिफला एक प्रभावी लैक्सेटिव (Laxative) के रूप में काम करता है। ये गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल ट्रैक्ट को साफ करता है, मल त्याग को सुचारू बनाता है और पेट फूलने (Bloating) व एसिडिटी को कम करता है। रिसर्च में पाया गया है कि ये आंतों के संकुचन को बढ़ाकर कब्ज को जड़ से मिटाता है।

इंफ्लेमेशन और बीमारियों से बचाव करता है ये हर्ब

डॉ. छाजेर के मुताबिक, त्रिफला में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स और पॉलीफेनॉल्स शरीर में सूजन (Inflammation) को कम करते हैं। यह हार्ट डिजीज, डायबिटीज और यहां तक कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के खतरे को भी कम करने में मदद कर सकता है।

पाचन और कब्ज का रामबाण इलाज

त्रिफला का सबसे बड़ा फायदा पाचन तंत्र पर देखने को मिलता है। यह आंतों को साफ रखता है और कब्ज की समस्या को दूर करता है। नियमित सेवन से डाइजेस्टिव सिस्टम मजबूत होता है और पेट से जुड़ी परेशानियां कम होती हैं।

वजन घटाने में मददगार

अगर आप वजन कम करना चाहते हैं तो त्रिफला एक अच्छा विकल्प हो सकता है। यह मेटाबॉलिज्म को बेहतर बनाता है और शरीर में जमा अतिरिक्त फैट को कम करने में सहायक होता है।

दांतों और ओरल हेल्थ के लिए फायदेमंद

त्रिफला दांतों की सेहत के लिए भी लाभकारी है। यह दांतों में बनने वाले प्लाक, कैविटी और मसूड़ों की समस्याओं को कम करने में मदद करता है, जिससे ओरल हेल्थ बेहतर रहती है।

हार्ट और शुगर कंट्रोल में असरदार

डॉ. छाजर के अनुसार, त्रिफला ब्लड शुगर को कंट्रोल करने और कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद करता है। इससे दिल की सेहत बेहतर रहती है और टाइप-2 डायबिटीज के मरीजों को भी फायदा मिल सकता है।

 एंटी-एजिंग और इम्युनिटी बूस्टर

त्रिफला में मौजूद विटामिन C और एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर में फ्री-रेडिकल्स को कम करते हैं, जिससे एजिंग प्रोसेस धीमा होता है और इम्युनिटी मजबूत होती है।

 कैसे करें सेवन?

एक्सपर्ट के मुताबिक, रोजाना 1 से 1.5 चम्मच त्रिफला चूर्ण का सेवन किया जा सकता है। इसे पानी के साथ लिया जा सकता है या रातभर भिगोकर सुबह इसका पानी पिया जा सकता है।

डिस्क्लेमर

यह लेख केवल सामान्य जानकारी और जागरूकता के उद्देश्य से तैयार किया गया है। त्रिफला एक आयुर्वेदिक हर्बल मिश्रण है, लेकिन इसका सेवन हर व्यक्ति के लिए समान रूप से उपयुक्त नहीं होता। किसी भी प्रकार की पुरानी बीमारी, जैसे डायबिटीज, हार्ट डिजीज, किडनी या लीवर से जुड़ी समस्या होने पर या यदि आप पहले से कोई दवा ले रहे हैं, तो त्रिफला का नियमित सेवन शुरू करने से पहले डॉक्टर या आयुर्वेद विशेषज्ञ से परामर्श जरूर लें।