हेल्थ रिपोर्ट के मुताबिक हर पांच में से एक व्यक्ति को सप्ताह में कम से कम एक बार ब्लोटिंग की समस्या होती है। इतना ही नहीं, करीब 75% डाइजेशन से जुड़ी दिक्कतें जैसे गैस, ब्लोटिंग और हार्टबर्न रात के समय ज्यादा होती हैं। रात के समय शरीर का मेटाबॉलिज्म और पाचन प्रक्रिया धीमी हो जाती है। ऐसे में अगर लेट डिनर, जल्दी-जल्दी खाना या अनियमित टाइमिंग जुड़ जाए तो समस्या और बढ़ जाती है। राहत पाने के लिए लोग कई तरह के देसी नुस्खों का सहारा लेते हैं। कुछ लोग गैस से राहत पाने के लिए गोली का सेवन करते हैं तो कुछ लोग कई तरह के चूर्ण का सहारा लेते हैं। हंसा जी के मुताबिक रात में सोने से पहले मसालों से तैयार ड्रिंक पिएंगे तो नींद सुकून की आएगी और पेट की गैस से राहत मिलेगी। आइए एक्सपर्ट से जानते हैं कि इस ड्रिंक में कौन-कौन से इंग्रीडेंट शामिल हैं और ये पाचन पर कैसे काम करते हैं।

कैसे बनाएं यह डाइजेशन ड्रिंक

सामग्री:

  • आधा चम्मच सौंफ
  • आधा चम्मच जीरा
  • आधा चम्मच अजवाइन
  • आधा इंच अदरक (कुटा हुआ)
  • दालचीनी का छोटा टुकड़ा
  • 3-4 तुलसी के पत्ते (या 1 चम्मच पाउडर)
  • 1.5 कप पानी

बनाने का तरीका:

सौंफ, जीरा, अजवाइन,अदरक, दालचीनी और तुलसी के पत्तों को पानी में डालकर 7-8 मिनट धीमी आंच पर उबालें। कुछ देर बाद गैस बंद करके 2-3 मिनट ढककर रखें, फिर छानकर गर्म-गर्म धीरे-धीरे पिएं। रात को सोने से पहले एक कप इस देसी ड्रिंक का सेवन आपको पेट की गैस से निजात दिलाएगा।

ये ड्रिंक कैसे ब्लोटिंग और गैस से राहत दिलाएगा

इस ड्रिंक में मौजूद सौंफ पेट की मांसपेशियों को रिलैक्स करती है और पेट से गैस निकालने में मदद करती है। जीरा डाइजेस्टिव एंजाइम्स को बढ़ाता है और ब्लोटिंग कम करता है। Journal of Food Science में प्रकाशित शोध के अनुसार, सौंफ उन बैक्टीरिया को बढ़ने से रोकती है जो पेट में फर्मेंटेशन और गैस पैदा करते हैं। यह पित्त (Bile) के प्रवाह को बढ़ाती है, जिससे भारी खाना जल्दी पचता है। Middle East Journal of Digestive Diseases की एक रिसर्च के अनुसार, जीरा Pancreas से पाचन एंजाइमों के स्राव को बढ़ाता है। ये एंजाइम कार्बोहाइड्रेट और वसा को तोड़ने में मदद करते हैं, जिससे खाना पेट में सड़ता नहीं है और गैस नहीं बनती। जीरा भारी भोजन को पचाने में मदद करते हैं।

अजवाइन में मौजूद तत्व गैस्ट्रिक जूस को बढ़ाते हैं और पाचन को सुधारने में मदद करते हैं। Pharmacognosy Review के मुताबिक अजवाइन में मौजूद थायमोल पेट की ग्रंथियों को उत्तेजित करता है। इससे एसिड और एंजाइम का उत्पादन बढ़ता है, जिससे भोजन खासतौर पर प्रोटीन और फैट बहुत तेजी से टूटता है। इस ड्रिंक में मौजूद अदरक पेट की मूवमेंट तेज करती है, जिससे खाना जल्दी पचता है। वहीं दालचीनी फूड फर्मेंटेशन को रोककर गैस बनने से बचाती है। इस ड्रिंक में मौजूद तुलसी के पत्ते एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर होते हैं, जो डाइजेस्टिव सिस्टम को शांत करते हैं और नींद बेहतर बनाते हैं।

कब और कैसे पियें ये ड्रिंक

डिनर के 30 मिनट बाद एक कप इस ड्रिंक का सेवन धीरे-धीरे सिप करके करें।  हफ्ते में 3-4 दिन ही इसका सेवन पर्याप्त है। 2-3 हफ्ते तक नियमित सेवन करेंगे तो आपको रात में पेट में गैस बनना कंट्रोल हो जाएगी।

किन लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए

अगर एसिडिटी या शरीर में ज्यादा गर्मी रहती है तो अदरक और दालचीनी कम लें। बहुत लेट डिनर करने पर इसका असर सीमित हो सकता है

लाइफस्टाइल में सुधार भी है जरूरी

समय पर डिनर करें। सोने से कम से कम 2 घंटे पहले खाना खाएं। खाने के बाद हल्की वॉक करना जरूरी है।  5-10 मिनट टहलना पाचन में मदद करता है। पाचन को दुरुस्त करना है तो आप रात में सलाद, दही और भारी मिठाइयों का सेवन करने से परहेज करें। माइंडफुल ईटिंग अपनाएं,शांत मन से खाना खाने से डाइजेशन बेहतर होता है

निष्कर्ष

यह ड्रिंक कोई जादुई इलाज नहीं है, लेकिन सही लाइफस्टाइल के साथ मिलकर ये पाचन को बेहतर बना सकता है। जब डाइजेशन अच्छा होता है, तो नींद गहरी आती है और शरीर दिनभर एनर्जेटिक रहता है।

डिस्क्लेमर (Disclaimer)

यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है। इसमें बताए गए उपाय, नुस्खे और सुझाव किसी भी प्रकार की पेशेवर मेडिकल सलाह का विकल्प नहीं हैं। हर व्यक्ति का शरीर अलग होता है, इसलिए किसी भी घरेलू उपाय या डाइट को अपनाने से पहले डॉक्टर या योग्य हेल्थ एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।