देश में वजन घटाने और डायबिटीज के इलाज के लिए इस्तेमाल होने वाली GLP-1 जैसे सेमाग्लूटाइड दवाओं के बढ़ते चलन के बीच केंद्र सरकार और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सख्त रुख अपनाया है। बिना डॉक्टरी सलाह के इन दवाओं का सेवन करने पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। दवाओं के इस्तेमाल पर सरकार का सख्त रवैया इस बात का संकेत है कि सरकार इन दवाओं के साइड इफेक्ट से लोगों को बचाना चाहती है।

इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल, नई दिल्ली में एंडोक्रिनोलॉजी के वरिष्ठ सलाहकार Dr. Saptarshi Bhattacharya बताते हैं कि भारत में GLP-1 दवाओं का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। Press Information Bureau द्वारा जारी बैकग्राउंड में साफ तौर पर बताया गया है कि इन दवाओं का बिना डॉक्टर की सलाह के सेवन करना सेहत पर कई तरह के साइड इफेक्ट कर सकता है। आइए जानते हैं कि सरकार ने कौन-कौन सी दवाओं के इस्तेमाल पर क्यों बढ़ाई सख्ती और बॉडी पर इनके कौन-कौन से हो सकते हैं साइड इफेक्ट।

GLP-1 दवाएं क्या हैं?

GLP-1 (ग्लूकागन-लाइक पेप्टाइड-1) थेरेपी आजकल मोटापा और Type 2 Diabetes को नियंत्रित करने के लिए एक प्रभावी विकल्प के रूप में सामने आई है। इस थेरेपी में ऐसी दवाएं दी जाती हैं, जो शरीर में बनने वाले GLP-1 हार्मोन की तरह काम करती हैं। ये दवाएं कई तरीकों से असर दिखाती हैं, ये इंसुलिन के स्राव को बढ़ाती हैं, ब्लड शुगर को संतुलित रखती हैं और पेट के खाली होने की प्रक्रिया को धीमा कर देती हैं। इसका परिणाम यह होता है कि व्यक्ति का लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस होता है, भूख कम लगती है और धीरे-धीरे वजन घटने लगता है। इसी वजह से GLP-1 थेरेपी न सिर्फ डायबिटीज कंट्रोल करने में मददगार है, बल्कि वजन प्रबंधन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

सरकार ने क्यों बढ़ाई सख्ती?

Drug Controller General of India ने राज्य औषधि नियंत्रकों के साथ मिलकर इन दवाओं की बिक्री और उपयोग पर निगरानी तेज कर दी है। मेडिकल स्टोर और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर जांच बढ़ाई गई है। इन दवाओं के बिना पर्चे के बिक्री पर रोक लगा दी गई है। नियम तोड़ने पर लाइसेंस रद्द, जुर्माना और कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।  सरकार का कहना है कि इन दवाओं का गलत या बिना निगरानी के इस्तेमाल स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हो सकता है।

मार्केट में उपलब्ध प्रमुख GLP-1 दवाएं जिनपर सरकार हो रही है सख्त

सेमाग्लूटाइड (इंजेक्शन/टैबलेट)
लिराग्लूटाइड
टिरजेपेटाइड
डुलाग्लूटाइड
एक्सेनाटाइड

कौन लिख सकता है ये दवाएं?

भारत में GLP-1 दवाएं केवल एंडोक्राइनोलॉजिस्ट, इंटरनल मेडिसिन विशेषज्ञ और कार्डियोलॉजिस्ट द्वारा ही प्रिस्क्राइब की जा सकती हैं। इन्हें ओवर-द-काउंटर खरीदना संभव नहीं है।

GLP-1 दवाओं के साइड इफेक्ट

GLP-1 दवाएं Type 2 Diabetes और मोटापे के इलाज में असरदार मानी जाती हैं, लेकिन इनका सेवन लम्बे समय तक बिना डॉक्टर की सलाह के करेंगे तो इस दवा के सामान्य और गंभीर दोनों तरह के साइड इफेक्ट हो सकते हैं।

सामान्य साइड इफेक्ट

मतली, उल्टी,  दस्त या कब्ज, पेट दर्द या गैस होना, भूख में कमी होने से सामान्य लक्षण दिखाई दे सकते हैं।  ये लक्षण आमतौर पर शुरुआत में होते हैं और समय के साथ कम हो सकते हैं।

गंभीर साइड इफेक्ट भी हो सकते हैं

लगातार लम्बे समय तक इस दवा का सेवन करने से पैंक्रियाज में सूजन हो सकती है। पित्ताशय (Gallbladder)से जुड़ी समस्याएं जैसे पथरी हो सकती है। किडनी फंक्शन पर असर पड़ सकता है। दिल की धड़कन तेज होना भी इसके साइड इफेक्ट हैं। एलर्जी रिएक्शन जैसे रैश, सूजन, सांस लेने में दिक्कत हो सकती है।

डायबिटीज और मोटापे का खतरा

Type 2 Diabetes एक ऐसी बीमारी है, जिसमें शरीर इंसुलिन का सही उपयोग नहीं कर पाता या पर्याप्त इंसुलिन नहीं बनता। अगर इसे कंट्रोल नहीं किया जाए तो ये दिल की बीमारी, किडनी फेलियर, स्ट्रोक और आंखों की रोशनी जाने जैसी समस्याएं पैदा कर सकती हैं।  मोटापा भी इस बीमारी का बड़ा कारण है, खासकर पेट के आसपास जमा चर्बी इंसुलिन रेजिस्टेंस को बढ़ाती है।

डायबिटीज से कैसे करें बचाव

  • डायबिटीज से बचाव करना चाहते हैं तो आप अपने वजन को कंट्रोल रखें।
  • हर हफ्ते कम से कम 150 मिनट की एक्सरसाइज जरूर करें।
  • संतुलित और कम शुगर वाला खाना खाएं।
  • तंबाकू और धूम्रपान से परहेज करें।

निष्कर्ष 

GLP-1 दवाएं डायबिटीज और मोटापे के इलाज में प्रभावी मानी जाती हैं, लेकिन इनका उपयोग बिना डॉक्टर की सलाह के करना जोखिम भरा हो सकता है। सरकार की सख्ती का मकसद लोगों को सुरक्षित और सही इलाज सुनिश्चित करना है।

डिस्क्लेमर:

यह खबर सरकारी जानकारी और सार्वजनिक स्रोतों पर आधारित है। किसी भी दवा का सेवन करने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें।