बदलते मौसम और बढ़ती गर्मी का सीधा असर हमारे मेटाबॉलिज्म और हमारी बॉडी के आंतरिक अंगों की कार्यप्रणाली पर पड़ता है। बदलते मौसम में होने वाली थकान, सुस्ती और स्किन की समस्याओं को हम सामान्य मानकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन भारतीय योग गुरु, लेखक, शोधकर्ता और टीवी पर्सनालिटी डॉक्टर हंसा योगेंद्र (Hansa Yogendra) के मुताबिक ये शरीर में जमा हुए ‘टॉक्सिन्स’ के संकेत हो सकते हैं। जब शरीर अपनी नेचुरल सफाई ठीक से नहीं कर पाता तो हमारी बॉडी में उसके कुछ लक्षण दिखने लगते हैं। हंसाजी योगेंद्र के अनुसार गर्मी के दौरान सही खान-पान और प्राकृतिक डिटॉक्स के जरिए शरीर को रिवाइव करना न केवल ऊर्जा बढ़ाता है, बल्कि गंभीर बीमारियों से भी बचाव करता है।

एक्सपर्ट ने बताया हमारी बॉडी बहुत समझदार होती है, जो अचानक किसी बड़ी बीमारी का अचानक संकेत नहीं देती बल्कि पहले छोटे-छोटे लक्षण दिखते हैं,जिसे समय रहते समझने की जरूरत है। हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक, जब शरीर में असंतुलन बढ़ने लगता है तो हमारी बॉडी थकान, पाचन गड़बड़ी और नींद की समस्या जैसे संकेतों के जरिए अंदरूनी सफाई की जरूरत जताती है। आइए एक्सपर्ट से जानते हैं कि हमारी बॉडी में कौन-कौन से लक्षण दिखते हैं जो बताते हैं कि अब बॉडी को डिटॉक्स की जरूरत है।

बिना वजह थकान होना

अगर अच्छी नींद के बाद भी आप थका हुआ महसूस करते हैं, तो यह शरीर में एनर्जी प्रोडक्शन से जुड़ी समस्या हो सकती है। बॉडी में एनर्जी का स्तर बढ़ाने के लिए आप रोजाना सुबह अनुलोम-विलोम प्राणायाम करें। इस प्राणायाम को करने से इम्यूनिटी मजबूत होगी और बॉडी की थकान और कमजोरी भी दूर होगी। आप एनर्जी के स्तर को बढ़ाने के लिए कुछ घरेलू नुस्खों की मदद ले सकते हैं। आप रोजाना जीरा-धनिया वाला गर्म पानी पिएं। बॉडी को एनर्जेटिक बनाने के लिए विटामिन डी का सेवन पर्याप्त करें। आप सुबह की धूप लें। डाइट में कुछ जरूरी फूड्स जैसे आयरन और विटामिन बी 12 से भरपूर फूड्स का सेवन करें। आयरन रिच फूड्स में आप पालक का सेवन करें। बी12 की कमी को पूरा करने के लिए आप डाइट में दूध, दूध से बने पदार्थ, अंडा, मांस और मछली का सेवन करें।

ब्लोटिंग और भारीपन होना

खाने के बाद पेट फूलना और गैस बनना कमजोर पाचन का संकेत है। डाइट में प्रोसेस फूड, ऑयली और मसालेदार फूड्स का सेवन करने से पाचन पर असर पड़ सकता है। आप ब्लोटिंग और भारीपन से परेशान रहते हैं तो आप खाने के बाद वज्रासन में बैठें। वज्रआसन योग के उन चुनिंदा आसनों में से है जिसे भोजन के तुरंत बाद किया जा सकता है। आधुनिक फिजियोलॉजी और योग विज्ञान पर आधारित रिसर्च बताती हैं कि ये आसन पाचन तंत्र पर जादुई असर करता है। आप ब्लोटिंग और भारीपन को कंट्रोल करने के लिए हींग और जीरा वाला पानी का सेवन करें। खाना अच्छी तरह चबाकर खाएं। खाना चबाकर खाने से पाचनतंत्र को ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ती। हफ्ते में एक दिन हल्का डिनर करें।

बार-बार सिरदर्द होना

अगर बदलते मौसम में आपको बार-बार सिर दर्द होता है तो ये डिहाइड्रेशन, स्ट्रेस या ब्लड शुगर असंतुलन की वजह से हो सकता है। गर्मी में आमतौर पर सिर दर्द का कारण डिहाइड्रेशन हो सकता है। आप बदलते मौसम में शीतली और चंद्रभेदन प्राणायाम करें। डाइट में मैग्नीशियम से भरपूर कुछ फूड्स जैसे बादाम और पालक का सेवन करें। डिहाइड्रेशन को कंट्रोल करने के लिए पर्याप्त पानी पिएं। रेगुलर एक्सरसाइज करें।

नींद नहीं आना

अगर रात में नींद ठीक से नहीं आती तो समझ जाएं कि आपकी बॉडी को डिटॉक्स करने की जरूरत है। लेट डिनर और ज्यादा स्क्रीन टाइम नींद खराब कर सकता हैं इसलिए आप सोने से पहले गहरी सांस लेने वाली एक्सरसाइज करें। रोजाना हल्दी वाला दूध पिएं। सोने से 1 घंटा पहले स्क्रीन बंद करें। आप ये सब काम करके आसानी से बॉडी को डिटॉक्स कर सकते हैं।

बार-बार बीमार पड़ना

कमजोर इम्यूनिटी का बड़ा संकेत है बार-बार इंफेक्शन होना। ऐसे में बॉडी को डिटॉक्स करना करने के लिए आप रोज च्यवनप्राश खाएं। तुलसी, अदरक और काली मिर्च का काढ़ा पिएं। ये घरेलू नुस्खे इम्यूनिटी को मजबूत करते हैं और बॉडी को हेल्दी रखते हैं। दही या छाछ का सेवन करें

शरीर से दुर्गंध या सांस की बदबू आना

शरीर से दुर्गंध या सांस की बदबू आना भी साफ संकेत है कि आपकी बॉडी को डिटॉक्स करने की जरूरत है। यह खराब पाचन और लिवर स्लो होने का संकेत हो सकता है। आप बॉडी को डिटॉक्स करने के लिए और बॉडी में होने वाली इन परेशानियों को दूर करने के लिए रोजाना जीभ को साफ करें। नींबू-धनिया पानी पिएं। फाइबर से भरपूर डाइट का सेवन करें।

ब्रेन फॉग और फोकस की कमी

खराब नींद और असंतुलित डाइट से दिमाग सुस्त हो सकता है और इम्यूनिटी कमजोर पड़ सकती है। ऐसे में आप इम्यूनिटी को मजबूत करने के लिए भ्रामरी प्राणायाम करें। ब्राह्मी या शंखपुष्पी का सेवन करें। डाइट में संतुलित आहार का सेवन करें। नंगे पांव घास पर चलें ब्लड सर्कुलेशन ठीक रहेगा और इम्यूनिटी मजबूत होगी।

निष्कर्ष

शरीर हमेशा हमें सही दिशा में गाइड करता है। अगर इन संकेतों को समय रहते समझ लिया जाए और छोटे-छोटे बदलाव किए जाएं, तो बड़ी बीमारियों से बचा जा सकता है।

डिस्क्लेमर:

इल लेख को लिखने का खास मकसद सामान्य जानकारी और जागरूक करना है। इसमें दी गई जानकारी किसी भी प्रकार की मेडिकल सलाह, निदान या उपचार का विकल्प नहीं है।अगर आपको लगातार थकान, पाचन संबंधी समस्या, बार-बार सिरदर्द, नींद में दिक्कत या किसी भी तरह की स्वास्थ्य समस्या महसूस हो रही है तो किसी योग्य डॉक्टर या हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह जरूर लें