आयुर्वेदिक विशेषज्ञों नित्यानंदम श्री ने बताया दही के साथ कुछ सब्जियों का सेवन करने से ये हमारे शरीर के लिए जहर बन सकती हैं। दही के साथ कुछ सब्जियों के सेवन को ‘विरुद्ध आहार कहा गया है।

गर्मी में दही (Curd) को सबसे बेहतरीन सुपर फूड माना जाता है। प्रोबायोटिक्स से भरपूर दही न केवल शरीर को अंदर से ठंडा रखती है, बल्कि हमारे पाचन तंत्र (Digestive System) के लिए भी वरदान है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आयुर्वेद के मुताबिक दही के साथ हर सब्जी का मेल सही नहीं होता। आयुर्वेद के अनुसार कुछ चीजें दही के साथ खाने से अग्नि (Digestive Fire) मंद हो जाती है और शरीर में आम (Toxins) बनने लगते हैं।
अक्सर हम स्वाद के चक्कर में दही के साथ ऐसी चीजें मिला देते हैं, जो शरीर में Toxins पैदा कर सकती हैं। आयुर्वेदिक विशेषज्ञों नित्यानंदम श्री ने बताया दही के साथ कुछ सब्जियों का सेवन करने से ये हमारे शरीर के लिए जहर बन सकती हैं। आयुर्वेद में दही के साथ कुछ सब्जियों के सेवन को ‘विरुद्ध आहार कहा गया है, जो न केवल मेटाबॉलिज्म को बिगाड़ सकता है, बल्कि स्किन के रोगों और गंभीर एसिडिटी का कारण भी बन सकता है। आइए जानते हैं कि दही के साथ किन फूड्स का सेवन करने से हेल्थ प्रोब्लम बढ़ सकती हैं।
दही और प्याज क्या सच में नुकसानदायक?
आयुर्वेद के अनुसार, प्याज की तासीर गर्म और दही की ठंडी मानी जाती है। इसलिए दोनों को एक साथ खाने से शरीर में असंतुलन हो सकता है। आयुर्वेदिक मान्यता के मुताबिक दही और प्याज का सेवन एक साथ करने पर स्किन एलर्जी या खुजली हो सकती है। पाचन में गड़बड़ी,कफ और टॉक्सिन बढ़ने की दिक्कत हो सकती है। लेकिन वैज्ञानिक नजरिए से देखें तो दही-प्याज जैसे रायता आमतौर पर सुरक्षित माना जाता है, जब तक किसी व्यक्ति को इससे एलर्जी न हो। दही एक प्रोबायोटिक है और प्याज एक प्रीबायोटिक है। रिसर्च के मुताबिक प्रीबायोटिक और प्रोबायोटिक का कॉम्बिनेशन आंतों के स्वास्थ्य (Gut Health) के लिए फायदेमंद होता है।
दही और खीरा यानी रायता सही या गलत?
खीरे का रायता भारतीय खानपान में बेहद आम है। आयुर्वेद में इसे कभी-कभी विरुद्ध आहार कहा जाता है, क्योंकि दोनों की तासीर ठंडी होती है। आयुर्वेद के अनुसार दही और खीरा का सेवन पाचन को धीमा कर सकता है। दोनों को एक साथ खाने से कफ बढ़ता है। लेकिन आधुनिक पोषण विज्ञान के अनुसार, दही और खीरा दोनों हाइड्रेटिंग और कूलिंग फूड हैं, और सामान्य व्यक्ति के लिए एक सुरक्षित कॉम्बिनेशन है।
दही और भिंडी का पाचन पर असर?
कुछ मान्यताओं के अनुसार, दही और भिंडी का साथ में सेवन पाचन तंत्र को प्रभावित कर सकता है। दही के साथ भिंडी खाने से गैस और ब्लोटिंग हो सकती है। इन दोनों फूड का कॉम्बिनेशन आंतों में असहजता बढ़ा सकता है इसका मेडिकल साइंस में कोई प्रमाण मौजूद नहीं है।
दही और करेला साथ खाने से क्यों मना किया जाता है?
आयुर्वेद में करेला और दही को विपरीत गुणों वाला माना गया है। इन दोनों को एक साथ खाने से वात, पित्त और कफ का असंतुलन हो सकता है। इन फूड्स का कॉम्बिनेशन पाचन संबंधी दिक्कतें बढ़ा सकता है।
एक्सपर्ट टिप्स
अगर आप दही का रायता बना रहे हैं, तो आयुर्वेद के अनुसार इसमें भुना हुआ जीरा, काला नमक और पुदीना जरूर मिलाएं। ये चीजें दही की भारीपन वाली तासीर को संतुलित करती हैं और पाचन को आसान बनाती हैं।
डिस्क्लेमर:
यह लेख आयुर्वेदिक सिद्धांतों और विशेषज्ञों की सामान्य राय पर आधारित है। हर व्यक्ति की शारीरिक प्रकृति (वात, पित्त, कफ) अलग होती है। यदि आप एलर्जी, पाचन की गंभीर समस्या या किसी विशेष चिकित्सा स्थिति से गुजर रहे हैं, तो अपनी डाइट में बदलाव करने से पहले किसी प्रमाणित आयुर्वेदिक चिकित्सक से परामर्श जरूर लें




