Sir Ganga Ram Hospital नई दिल्ली में गैस्ट्रोएंटरोलॉजिस्ट (पेट और लिवर रोग विशेषज्ञ)  Dr. Piyush Ranjan के मुताबिक SGOT और SGPT  का थोड़ा भी बढ़ा होना हमें तनाव में डाल देता है। लेकिन इन एंजाइम के बढ़ने का मतलब हमेशा लिवर का खराब होना नहीं होता। SGOT और SGPT लिवर में पाए जाने वाले एंजाइम हैं। जब लिवर में सूजन या डैमेज होता है तो ये एंजाइम्स खून में बढ़ जाते हैं। इन एंजाइम का एक सीमा से अधिक बढ़ना खतरा बढ़ा सकता है।

SGPT और SGOT क्या है और ये कहां पाया जाता है?

SGPT (Serum Glutamic Pyruvic Transaminase) जिसे ALT (Alanine Aminotransferase) भी कहा जाता है। ये एंजाइम मुख्य रूप से लिवर के अंदर पाया जाता है। लिवर की सेहत का पता लगाने के लिए SGPT को SGOT से अधिक सटीक माना जाता है क्योंकि ये मुख्य रूप से लिवर में ही केंद्रित होता है। SGOT जिसे AST (Aspartate Aminotransferase) भी कहा जाता है। ये एंजाइम लिवर के अलावा दिल, मांसपेशियों और किडनी में भी पाया जाता है। अगर SGOT बढ़ा हुआ है, तो इसका कारण लिवर की समस्या भी हो सकती है और हृदय या मांसपेशियों की समस्या भी। अगर ब्लड में इसकी मात्रा बढ़ जाए को ये सीधा संकेत है कि लिवर की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचा है।

एंजाइम का कितना बढ़ना है खतरनाक?

  • करीब 45 IU तक इन एंजाइम का बढ़ना सामान्य माना जाता है।
  • 1.5 से 2 गुना तक बढ़ना माइल्ड माना जाता है जो अक्सर गंभीर नहीं होता।
  • 5 गुना से ज्यादा बढ़ने पर जांच जरूरी है।
  • 10 गुना से ज्यादा गंभीर स्थिति का संकेत है। एक्सपर्ट्स के अनुसार ये एंजाइम कितना बढ़ा और कितने समय में बढ़ा,दोनों अहम फैक्टर हैं।

SGOT-SGPT बढ़ने के मुख्य कारण

वायरल हेपेटाइटिस के कारण बढ़ सकते हैं ये एंजाइम

Hepatitis A और Hepatitis E में एंजाइम हजारों तक बढ़ सकते हैं
Hepatitis B और Hepatitis C में हल्का-मध्यम बढ़ौतरी हो सकती है।

अल्कोहल

लंबे समय तक ज्यादा शराब पीने से लिवर डैमेज होता है और SGOT-SGPT बढ़ सकता हैं।

फैटी लिवर

Fatty Liver Disease आजकल बेहद आम होता जा रहा है। फैटी लिवर डिजीज में एंजाइम हल्के स्तर पर बढ़े रहते हैं।

दवाइयों का असर

टीबी की दवाएं और कोलेस्ट्रॉल कम करने वाली दवाएं इसे Drug-Induced Liver Injury कहा जाता है।

हर्बल और आयुर्वेदिक दवाएं

कुछ मामलों में गिलोय, अश्वगंधा जैसी दवाओं से भी लिवर पर असर पड़ सकता है। बिना डॉक्टरी सलाह या अत्यधिक मात्रा में इन हर्ब्स का सेवन करने पर ऐसा होता है।

दूसरे कारण 

इन एंजाइम के बढ़ने के लिए Autoimmune Hepatitis, Wilson Disease भी जिम्मेदार हो सकते हैं।

SGOT-SGPT बढ़ने पर बॉडी में कौन से दिखते हैं लक्षण

  • भूख कम लगना
  • मितली (nausea)
  • थकान होना शामिल है। कई बार कोई लक्षण नहीं दिखाई देते।

SGOT-SGPT हाई हो तो क्या करना चाहिए?

अगर SGOT-SGPT हल्का बढ़ा है तो 2–3 महीने बाद टेस्ट दोबारा कराएं।
डॉक्टर की सलाह से हेपेटाइटिस B और C की जांच कराएं
शराब और अनावश्यक दवाएं बंद करें
अगर लंबे समय तक बढ़ा रहे तो आगे की जांच जैसे बायोप्सी जरूरी हो सकती है

निष्कर्ष:

SGOT-SGPT का बढ़ना लिवर में सूजन का संकेत है, लेकिन हर केस गंभीर नहीं होता। सही कारण जानने के लिए स्टेप-बाय-स्टेप जांच और डॉक्टर की सलाह बेहद जरूरी है। खुद से दवा लेना बीमारी को बढ़ावा देना है।

डिस्क्लेमर:

ये लेख केवल सामान्य जागरूकता के लिए है और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए। लिवर एंजाइम के बढ़ने के पीछे कई जटिल कारण हो सकते हैं। किसी भी लैब रिपोर्ट के आधार पर खुद दवाएं (Self-medication) शुरू न करें। सटीक निदान और उपचार के लिए हमेशा किसी योग्य गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट या फिजिशियन से परामर्श लें। यह जानकारी जागरूकता के लिए है। किसी भी प्रकार की जांच या इलाज के लिए डॉक्टर से सलाह जरूर लें